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शुक्रवार, जनवरी 28, 2011

क्या मैंने कोई अपराध किया है?

क्या मैंने कोई अपराध किया है?
दोस्तों/ पाठकों  मैंने एक समाचार पढ़कर अपने अनुभवों के आधार पर एक ईमेल सुप्रीम कोर्ट में भेजी है. उपरोक्त ईमेल का मैटर पढ़कर बताये कि-क्या मैंने कोई अपराध किया है? मुझे आपकी अच्छी और बुरी टिप्पणियों का बहुत बेसब्री से इन्तजार रहेगा.
जस्टिस बी.सुदर्शन रेड्डी, जी.एस.सिंघवी और आफ़ताब आलम जी की बेंच के नाम एक पत्र.
माननीय जज साहब जी,
मैंने दिनांक 19 जनवरी को राष्ट्रीय सहारा समाचार पत्र में एक समाचार " आर.के.आनन्द ने भगवान का वास्ता दे की माफ़ी की गुहार" (जो संलग्न है.) पढ़ा. उस समाचार को पढ़कर ही अपनी व्यथा भावनाएं व्यक्त कर रहा हूँ. मेरा किसी का कोई अपमान करने या अहित करने का कोई इरादा नहीं है और मेरी एडवोकेट आर.के.आनन्द जी से कोई रंजिश या द्वेष नहीं है. बल्कि अपनी उपरोक्त ईमेल द्वारा देश में पेशागत चल रही बुराइयों से अवगत करा रहा हूँ. फिर भी आपकी शान में किसी प्रकार की कोई गलती या गुस्ताखी हो गई हो तो मेरी मानसिक हालत को देखते हुए क्षमा कर दें. आज श्री आर.के.आनन्द जी भगवान का वास्ता देकर माफ़ी मांग रहे हैं और कहते हैं कि-भगवान श्रीकृष्ण ने शिशुपाल को उसके घोर अपराधों के लिए 100 बार माफ़ कर दिया था.
1. क्या उन्हों कभी किसी गरीब द्वारा भगवान का वास्ता देने पर अपनी फ़ीस छोड़ दी थीं?
2. क्या उन्हों कभी किन्ही 100 गरीबों की (भगवान का वास्ता देने पर) निशुल्क पेरवी की थीं?
3. क्या उन्हों कभी किन्ही ऐसे 100 गरीबों की (वकीलों द्वारा धोखा दिए जाने के बाद ) उनके केस निशुल्क या बहुत कम फ़ीस पर पेरवी करके न्याय दिलवाने की कोशिश की थीं?
4. उन्हों कभी किन्ही ऐसे 100 गरीबों की (वकीलों द्वारा धोखा दिए जाने के बाद ) उनके केसों में पेरवी करके वकीलों को धोखाधडी करने की सजा या उनसे लिए रूपये दिलवाने की कोशिश की थीं?
4. क्या उन्हों कभी किन्ही ऐसे 100 गरीबों की (वकीलों द्वारा धोखा दिए जाने के बाद ) उनके केसों में पेरवी ठीक से होने के कारण जेल गए लोगों को रिहा करवाने में मदद करने की कोशिश की थीं?
5. क्या उन्हों कभी किन्ही ऐसे 100 गरीबों के (वकीलों द्वारा धोखा दिए जाने के बाद-उनके केसों में पेरवी ठीक से होने के कारण) केस ख़ारिज होने पर दुबारा खुलवाया है या कोशिश की थीं?
6. क्या उन्हों कभी किन्ही ऐसे 100 गरीबों के (वकीलों द्वारा धोखा दिए जाने के बाद-उनके केसों में पेरवी ठीक से होने के कारण) केस(चैक बाउंस वाले) ख़ारिज होने पर दुबारा खुलवाया है या कोशिश की थीं? और उनको चैक की धनराशी दिलवाई है.
7. क्या उन्हों कभी किन्ही ऐसे 100 गरीबों को (अपने अमीर मुक्किवलों को बचाने हेतु दवाब डालना और डराना) बिना किसी डर के गवाही देने के लिए प्रेरित(चाहे इस से इनका मुक्किवल का बचाव हो) किया था?
8. क्या उन्हों कभी किन्ही ऐसे 100 गरीबों या वेकसूर लोगों का जिनपर (धारा-498a और 406, धारा-125 और घरेलू हिंसा अधिनियम के ) फर्जी केस दर्ज है, उनके केसों की बहुत कम कीमत पर पेरवी की है?
माननीय जज साहब जी,
ऐसे कितने वकील है जिनको सजा मिली है? एक गरीब आदमी की कहाँ इतनी हैसियत की इनके ऊपर केस दायर कर सके क्योंकि यह कानून के जानकार होने की वजह से बेचारे उस गरीब को ही फंसा देते हैं या अपराधी लोगों से उसका शोषण करवाते हैं. जिससे वो व्यक्ति इतना टूट जाता है कि- अपनी जीवनलीला ही खत्म कर लेता है. मेरे साथ कई वकीलों ने धोखा किया. किसी ने मेरे चैक बाउंस के मामले में मुझे फर्जी तारीखें देकर केस ख़ारिज करवा दिया. दुबारा केस खुलवाने के लिए फ़ीस नहीं थीं. किसी ने मेरे चैक बाउंस के मामले में विरोधी पार्टी से मिलकर केस ही कोर्ट में दाखिल नहीं किया. किसी ने मेरे चैक बाउंस के मामले पेरवी ठीक से होने के कारण रुके हुए है और धारा-498a और 406 में बहुत ज्यादा फ़ीस लेकर भी रसीद नहीं दी और मांगने पर फर्जी केसों में फंसने की धमकी देते हैं. इनकी शिकायत का उचित मंच होने के कारण इन पर कार्यवाही करवाना टेढ़ी खीर है क्योंकि कोई भी वकील किसी दुसरे वकील को सजा दिलवाने के लिए आगे नहीं आता है. मैं यहाँ एक ताजा उदाहरन का उल्लेख कर रहा हूँ. मेरे ऊपर धारा-498a और 406 और धारा-125 के तहत फर्जी केस दर्ज है. धारा-498a और 406 में थाना-मोतीनगर, दिल्ली में FIR नं. 138/2010 दर्ज है. उसमें मेरे से एक वकील ने बहुत ज्यादा फ़ीस लेकर भी कोर्ट में मेरे सारे सही तथ्य रखकर बल्कि सारे तथ्यों को तोड़-मोड़कर रखा. जिससे मेरी आग्रिमी जमानत नहीं हो सकी. सारी जमा पूंजी खत्म होने और पिछले दो सालों से डिप्रेशन अन्य बिमारियों के चलते सारा कार्य बंद होने के कारणों से किसी प्रकार से सरकारी वकील भी मिला. मगर "इन तिलों में तेल होने के कारण" वो वकील भी आग्रिमी जमानत की याचिका लगाने से इनकार कर चुका है. अब मैं इन वकीलों के खिलाफ गरीब इंसान कहाँ शिकायत करूँ? अब जब भी पुलिस मुझे(वेकसूर) को उपरोक्त FIR नं. 138/2010 (जोकि दवाब में दर्ज हुई है) के सन्दर्भ में गिरफ्तार करेंगी तब सिर्फ आत्महत्या के सिवाय मेरे पास कोई विकल्प नहीं होगा.
जज साहब आप आर.के.आनन्द जी के माफ़ करने का फैसला अपने विवेकानुसार दें. मगर फैसला ऐसा हो कि-उससे वकीलों से पीड़ित कुछ गरीबों का भला हो जाये. किसी भी प्रकार की गलती के क्षमाप्रार्थी हूँ.
नियमित रूप से मेरा ब्लॉग http://rksirfiraa.blogspot.com , http://sirfiraa.blogspot.com, http://mubarakbad.blogspot.com, http://aapkomubarakho.blogspot.com, http://aap-ki-shayari.blogspot.com & http://sachchadost.blogspot.com देखें और अपने बहूमूल्य सुझाव व शिकायतें अवश्य भेजकर मेरा मार्गदर्शन करें. अच्छी या बुरी टिप्पणियाँ आप भी करें और अपने दोस्तों को भी करने के लिए कहे.# निष्पक्ष, निडर, अपराध विरोधी व आजाद विचारधारा वाला प्रकाशक, मुद्रक, संपादक, स्वतंत्र पत्रकार, कवि व लेखक रमेश कुमार जैन उर्फ़ "सिरफिरा" फ़ोन:9868262751, 9910350461 email: sirfiraa@gmail.com
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महत्वपूर्ण संदेश-समय की मांग, हिंदी में काम. हिंदी के प्रयोग में संकोच कैसा,यह हमारी अपनी भाषा है. हिंदी में काम करके,राष्ट्र का सम्मान करें.हिन्दी का खूब प्रयोग करे. इससे हमारे देश की शान होती है. नेत्रदान महादान आज ही करें. आपके द्वारा किया रक्तदान किसी की जान बचा सकता है.

शनिवार, जनवरी 01, 2011

नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ!


नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ!
आप सभी पाठकों / दोस्तों को "शकुन्तला प्रेस ऑफ़ इंडिया प्रकाशन" परिवार की ओर से नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं! आप व आपके परिवार के लिए नववर्ष 2011 मंगलमय हो! इन्हीं शब्दों के साथ ही .....

सुनहरे सपनों की झंकार, लाया है नववर्ष
खुशियों के अनमोल उपहार लाया है नववर्ष
आपकी राहों में फूलों को बिखराकर लाया है नववर्ष
महकी हुई बहारों की ख़ुशबू लाया है नववर्ष
अपने साथ नयेपन का तूफान लाया है नववर्ष
स्नेह और आत्मीयता से आया है नववर्ष
सबके दिलों पर छाया है नववर्ष
आपको मुबारक हो दिल की गराईयों से नववर्ष!
नए साल की नई सुबह, लाये नई खुशियों की सौगात, 
सुख-समृध्दी का हो साम्राज्य, सपनों को मिले एक नया आयाम!
यह नववर्ष शुभ हो, नई खुशियों को लाये! 
यह साल मनमोहक फूलों की तरह से हो आपका जीवन!!

शुक्रवार, नवंबर 05, 2010

हार्दिक शुभकामनाएँ !

हर आंगन, हर चौखट पर, हर धड़कन, हर उम्मीद पर, हर शब्द और हर पन्ने पर जले प्यार की बाती "शकुन्तला प्रेस" परिवार की ओर से हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी शुभ दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ!

आपके घर में रौशनी की जगमग हो. स्वादिस्ट पकवान बनें और मिठाइयों का आदान-प्रदान हो. पूजा के दौरान श्री लक्ष्मी माता का आगमन हो. आपके चारों खुशियों का वातावरण हो. दु:खों-ग़मों और मुसीबतों का बेसरा बस मेरे घर तक ही सीमित हो. आपका व आपके परिवार का इनसे दूर-दूर तक कोई वास्ता भी न हो.इन्हीं मंगल कामनाओं के साथ...........एक फिर से "शकुन्तला प्रेस ऑफ़ इंडिया प्रकाशन" परिवार और "शकुन्तला एडवरटाईजिंग एजेंसी" की ओर से आप व आप सभी के परिवारों को दीपावली, गोबर्धन पूजा और भैया दूज की हार्दिक शुभकामनायें
#आपका अपना शुभाकांक्षी-निष्पक्ष, निडर, अपराध विरोधी व आजाद विचारधारा वाला प्रकाशक, मुद्रक, संपादक, स्वतंत्र पत्रकार, कवि व लेखक रमेश कुमार जैन उर्फ़ "सिरफिरा" फ़ोन:9868262751, 9910350461 email: sirfiraa@gmail.com, महत्वपूर्ण संदेश-समय की मांग, हिंदी में काम. हिंदी के प्रयोग में संकोच कैसा,यह हमारी अपनी भाषा है. हिंदी में काम करके,राष्ट्र का सम्मान करें.हिन्दी का खूब प्रयोग करे. इससे हमारे देश की शान होती है. नेत्रदान महादान आज ही करें. आपके द्वारा किया रक्तदान किसी की जान बचा सकता है.

शनिवार, अगस्त 28, 2010

हिंदी में ईमेल कैसे भेजें.

हिंदी कहने को तो हमारे देश की राजभाषा है. मगर आज हिंदी को उतना सम्मान नहीं मिल रहा है, जितने की हक़दार थीं.लेकिन हम अपने व्यापारिक व निजी पत्रों को हिंदी में लिखकर भेजने से हिंदी को वो सम्मान दिलाने की कोशिश तो कर सकते हैं.जब भारत देश के पड़ोसी देश अपने देशों में हिंदी सिखाने के स्कूल खोल सकते हैं.तब क्या हम इतने गए गुजरे है कि-हमें भारत में रहते हुए भी हिंदी में काम करने में शर्म आती है या संकोच होता है.अगर हमें भारत में रहते हुए भी हिंदी में काम करने में संकोच होता हो तो क्या हमें भारतीय कहलवाने का हक़ है?जब हम अपने देश के प्रति ही ईमानदार नहीं होंगे,क्या अमरीका या पाकिस्थान के लिए ईमानदार बनोंगे?क्या हम मात्र स्टेटस के लिए अपने व्यापारिक व निजी पत्रों को अंग्रेजी में नहीं लिख रहे हैं कि कोई हमें अनपढ़, ग्वार न समझें?मात्र अंग्रेजी में लिखे पत्रों से ही नहीं माना जा सकता है कि-उपरोक्त व्यक्ति पढ़ा-लिखा है.क्या हमें मात्र अंग्रेजी में लिखे पत्रों से ही पहचान मिलती है? बल्कि हमारे अच्छे विचारों से,अपने देश के प्रति ईमानदारी से और इंसानियत के जज्बे से ही पहचान मिलती है.
पाठकों/दोस्तों-जब हम हिन्दुस्थान में रहते हुए भी हम हिंदी का प्रयोग नहीं करेंगे तो क्या अमरीका व अन्य देशों के नागरिक प्रयोग करने के लिए आयेंगे?आज से अपने-आप में ठान लो कि- हम अपना अब अधिक से अधिक कार्य और पत्र हिंदी में ही लिखेंगे.शान से कहो कि-हमें गर्व है, हम भारतीय हैं. चाहे आपको कोई अनपढ़ व ग्वार कहे या समझे. कहने वाला कहता रहे और समझने वाला समझता रहे-हम तो भारतीय हैं और भारतीय ही रहेंगे.

अंग्रेजी जानने वाले व्यक्ति को पढ़ा-लिखा मानने वाले व्यक्ति इस "सिरफिरा" का अभिनन्दन स्वीकार कीजिए. मैं स्वीकार करता हूँ कि-हाँ! मैं एक अंगूठा टेक(अनपढ़ व ग्वार) इंसान हूँ. जिससे अंग्रेजी की ए.बी.सी नहीं आती है.लेकिन मुझे गर्व है कि-मुझे हिंदी का थोड़ा-बहुत ज्ञान है और मेरी कथनीकरनी में कोई फर्क नहीं है.
यह हमारे भारत देश की सबसे बड़ी बदनसीबी है कि-यहाँ की उच्चतम न्यायालय(सुप्रीम कोर्ट) और भारत की राजधानी दिल्ली की उच्च न्यायालय(हाईकोर्ट) की वेबसाइट तक हिंदी में नहीं है. वैसे तो देश की हर सरकारी व प्राईवेट संस्थाओं की वेबसाइट द्धिभाषीय होनी चाहिए.मगर कम से कम हर छोटे-बड़े न्याय का मंदिर कहलवाने वाले न्यायलयों की वेबसाइट हिंदी और अंग्रेजी में होनी ही चाहिए.
मैं आपको जितनी भी मुझे जानकारी है उसी के आधार पर हिंदी में ईमेल कैसे भेजें से जुडी कुछ महत्वपूर्ण जानकारी सरल (आम बोलचाल) भाषा में दे रहा हूँ. किसी प्रकार की कोई गलती हो गई हो तो क्षमा कर दें.मैंने सुना है कि ज्ञान बाँटने से ही ज्ञान बढ़ता है.उसी ज्ञान को बढ़ाने हेतु अपनी जानकारी आपसे बाँट रहा हूँ.
हिंदी में ईमेल भेजने से पहले कुछ ध्यान रखने योग्य बातें :-
आप किसी भी सोफ्टवेयर में हिंदी का अपना मैटर टाईप करने के बाद कापी करके मैसेज के स्थान पर पेस्ट कर सकते हैं.मगर ईमेल प्राप्त करने वाले व्यक्ति के पास भी वो फॉण्ट होना चाहिए, जिस फॉण्ट में आपने अपना मैटर लिखा होता है.इसलिए वो फॉण्ट भेजना भी अच्छा होता है,जिसमें आपने अपना मैटर लिखा था. अगर आपने फॉण्ट नहीं भेजा तो ऐसा होता है कि-ईमेल प्राप्तकर्ता अपने पास उपलब्ध हिंदी का फॉण्ट लगता है और कई बार फोन्टों की विभिन्नताओं की वजह से संदेश कुछ का कुछ पढ़ने में आता है.
अगर आप अपना व्यापारिक पत्र को अपने लैटरपैड पर भेजना चाहते हैं. तब आप किसी भी सोफ्टवेयर में हिंदी का पत्र टाईप करवाकर लैटरपैड पर उसका प्रिंट निकाल लें और स्कैन करके उसकी पीडीऍफ़ या JPG फाइल बनाकर भेज दें. यहाँ पर आप एक कार्य और कर सकते हैं कि-अन्य सोफ्टवेयरों की सहायता से बगैर प्रिंट निकाले ही आप पीडीऍफ़ या JPG फाइल बनाकर भेज सकते हैं. इसके अलावा आप साफ, सुंदर व हस्तलिखित पत्र को भी स्कैन करके पीडीऍफ़ या JPG फाइल बनाकर भेज सकते हैं. उदाहरण के तौर नीचे देखें:मेरे द्वारा भारतीय जीवन बीमा निगम के एक कार्यालय को लैटरपैड पर भेजी ईमेल, रजिस्टर्ड ए.डी और कोरियर.
सबसे बेहतर और आसान तरीका है कि आप हिंदी में टायपिंग करने के लिए http://www.google.co.in/transliterate को खोलकर  हिंदी सलेक्ट करके अपना संदेश हिंदी में टाईप करके कापी कर लें.उसके बाद उस संदेश को मैसेज के स्थान पर पेस्ट कर दें.इससे आपकी ईमेल प्राप्तकर्ता को किसी फॉण्ट की आवश्यकता नहीं होगी. आपका संपूर्ण संदेश को पढ़ने और समझने में आसानी होगी.इन्टरनेट या अन्य सोफ्टवेयरों में हिंदी की टाइपिंग कैसे करें जाने के लिए आप मेरी पिछली पोस्ट देखे.आईये पाठकों/दोस्तों आज हम यह (अगर हम हर रोज दस ईमेल या पत्र भेजते हैं तो हम कम से कम दो ईमेल या पत्र हिंदी में ही भेजेंगे)संकल्प लेकर सारी दुनियां को बता दें कि- हम सच्चे भारतीय हैं,जो इसकी शान-बान हेतु अपना सब कुछ न्यौछावर करने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं.जय हिंद!आप हिंदी के सन्दर्भ में अपने विचारों से मुझे अवगत कराएँ.
नियमित रूप से मेरा ब्लॉग http://rksirfiraa.blogspot.com/ & http://sirfiraa.blogspot.com/ देखें. अच्छी या बुरी टिप्पणियाँ आप करें और अपने दोस्तों को भी करने के लिए कहे. अपने बहूमूल्य सुझाव व शिकायतें अवश्य भेजकर मेरा मार्गदर्शन करें.
# निष्पक्ष, निडर, अपराध विरोधी व आजाद विचारधारा वाला प्रकाशक, मुद्रक, संपादक, स्वतंत्र पत्रकार, कवि व लेखक रमेश कुमार जैन उर्फ़ "सिरफिरा" फ़ोन: 09868262751, 09910350461 email: sirfiraa@gmail.com, महत्वपूर्ण संदेश-समय की मांग, हिंदी में काम. हिंदी के प्रयोग में संकोच कैसा,यह हमारी अपनी भाषा है.हिंदी में काम करके,राष्ट्र का सम्मान करें.हिन्दी का खूब प्रयोग करे.इससे हमारे देश की शान होती है. नेत्रदान महादान आज ही करें.आपके द्वारा किया रक्तदान किसी की जान बचा सकता है.

सोमवार, अगस्त 23, 2010

हिंदी की टाइपिंग कैसे करें

इन्टरनेट या अन्य सोफ्टवेयरों में
 हिंदी की टाइपिंग कैसे करें
चलिए! आज बात करते हैं हिंदी भाषा की, कहने को तो हिंदी हमारे देश की राजभाषा है. मगर आज हिंदी को उतना सम्मान नहीं मिल रहा है, जितने की हक़दार थीं. फिर भी आज जितनी हिंदी की पत्र-पत्रिकाये शुरू होती है, उतनी अंग्रेजी की नहीं. अच्छा अब इस बहस में नहीं पड़कर सीधे से अपने विषय पर आते हैं. वैसे हिंदी की टाइपिंग थोड़ी मुश्किल तो है, मगर इतनी मुश्किल भी नहीं है कि-हिंदी की टाइपिंग सीखी/करी न जा सकें.फिर हिंदी की टाइपिंग कौन-सी असंभव चीज है, जो करी न जा सकें. कहा जाता है कि-आसान कार्य तो सभी करते हैं, मगर मुश्किल कार्य कोई-कोई करता है. इसी सन्दर्भ में एक कहावत भी है कि-गिरते हैं मैदाने जंग में शेरे सवार,वो क्या खाक गिरेंगे जो घुटनों के बल चलते हैं.बस अपने मन में ठानकर निरंतर प्रयास करना शुरू कर दीजिये. तब देखना कैसे हिंदी पर आपकी उंगुलियां अपने आप कैसे और किस गति से चलती है.मैं आपको जितनी भी मुझे जानकारी है उसी के आधार पर हिंदी टाइपिंग से जुडी कुछ महत्वपूर्ण जानकारी सरल (आम बोलचाल) भाषा में दे रहा हूँ. किसी प्रकार की कोई गलती हो गई हो तो क्षमा कर दें.मैंने सुना है कि ज्ञान बाँटने से ही ज्ञान बढ़ता है. उसी ज्ञान को बढ़ाने हेतु अपनी जानकारी आपसे बाँट रहा हूँ.
जब कंप्यूटर पर हिन्दी में काम आरंभ हुआ तो वहाँ हिन्दी के लिए कोई अलग से एनकोडिंग नहीं थी। तब रोमन के लिए जो एनकोडिंग थी उसी पर देवनागरी के अक्षर चस्पा कर दिए गए। इस तरह सैंकड़ों की संख्या में हिन्दी फोंट अस्तित्व में आ गए। लेकिन अब दुनिया की सभी भाषाओं के लिए एनकोडिंग हो चुकी है। देवनागरी भी उस में शामिल है। कंप्यूटर उसे समझता है। यह एनकोड़िंग यूनीकोड कही जाती है।
आप को इंटरनेट पर हिन्दी टाइप करने के लिए अंग्रेजी जानना कतई जरूरी नहीं है। आप सीधे हिन्दी टाइप कर सकते हैं. इस के लिए आप को इन्स्क्रिप्ट टाइपिंग सीखनी होगी। हिन्दी इन्स्क्रिप्ट टाइपिंग सीखने के लिए आसान हिन्दी टाइपिंग ट्यूटर नेट से मुफ्त में डाउनलोड किया जा सकता है जिस की सहायता से आप 15 दिन में हिन्दी सीधे टाइप कर पाएंगे जो त्रुटिरहित होगी औऱ स्पीड भी अंग्रेजी के मुकाबले की आएगी।
सबसे पहले तो इन्टरनेट को छोड़कर अन्य सोफ्टवेयरों में हिंदी की टाइपिंग के लिए आपके कंप्यूटर में हिंदी के फॉण्ट होने चाहिए. कौन-कौन से हिंदी और अंग्रेजी के फॉण्ट होते हैं कुछों की जानकारी नीचे दी गई है.
आप हिंदी की टाइपिंग आने के बाद Adobe Page Maker, Adobe Photo Shop, Corel Draw, Paint, Word Pad और Microsoft office के सभी सोफ्टवेयर Access, Info Path, Out Look, Power Point, Publisher, Word Document, Excel आदि के किसी भी VERSION में हिंदी की टाइपिंग कर सकते हैं.जैसे Adobe Page Maket 7.0 और Corel Draw 12 आदि.
यह चार्ट आपको बताता है कि-किसी भी सोफ्टवेयर में हिंदी का फॉण्ट सलेक्ट करने के बाद Key Board के किस-किस अक्षर को दबाने से कौन-सा अक्षर आता है.अगर आपको अलग-अलग फॉण्ट में किसी विशेष अक्षर को लेकर समस्या आती है तब आप स्टार्ट पर किल्क करके all प्रोग्राम्स पर जाने के बाद accessories पर जाने के बाद सिस्टम टूल्स पर जाकर character map दिखने पर उसे दो बार किल्क कर दें. जिस फॉण्ट में जिस अक्षर की समस्या आ रही है. उसे सलेक्ट करके उस अक्षर को ढूढ़े और ढूढ़कर उसे किल्क करके नीचे देखें, वहां पर लिखा होगा कि उपरोक्त अक्षर किसके दबाने से आएगा. जैसे- "नारद" फॉण्ट में "द्द" अक्षर alt और 0237 एक साथ दबाने से आता है.
यह चार्ट आपको बताता है कि-किसी भी सोफ्टवेयर में हिंदी का "नारद" और "कुर्ती देव" फॉण्ट सलेक्ट करने के बाद alt और उपरोक्त निम्नलिखित नम्बरों को एक साथ दबाने से कौन-सा अक्षर आता है. इस चार्ट में "k" का अर्थ "कुर्ती देव" फॉण्ट से है.

इन्टरनेट पर हिंदी में टायपिंग करने के लिए आपको http://www.google.co.in/transliterate को खोलकर हिंदी सलेक्ट करके आपको key board से अंग्रेजी(रोमन में) के अक्षर लिखकर जैसे ही आप स्पेस दोगे,वो ही अक्षर हिंदी में बदल जायेगा. जैसे-हिंदी में "राम" लिखने के लिए 'ram' दबाकर स्पेश देना होगा. अपने आप ही 'ram' हिंदी में बदल जायेगा. किसी शब्द को टाइप करने के और स्पेश देने के बाद अगर गलत शब्द आता है तो आप backspace को एक-दो बार दबाते हैं तब एक बॉक्स में कई शब्द नज़र आयेंगे. उनमें से आपका जो उच्चारण के हिसाब से सही शब्द हो उसे 'मॉउस' की सहायता से या 'एरो' की मदद लेकर enter दबाकर सलेक्ट कर लें. अगर बॉक्स में सही शब्द न आये तो अपने अंग्रेजी के अक्षरों की जाँच करके ठीक से लिखें.उपरोक्त दोनों यह चार्ट आपको बताते हैं कि-कौन-कौन से अक्षर दबाने से इन्टरनेट पर हिंदी का कौन-कौन-सा अक्षर आता है.अगर आपको किसी शब्द के पहले और बीच में 'उ' चाहिए तो आपको 'u' दबाना होगा और किसी शब्द पर 'उ' की मात्रा चाहिए तो उस अक्षर के बाद 'u' दबाना होगा. जैसे-'कु' के लिए 'ku' इसी प्रकार हिंदी के शब्द में पहले और बीच में आधे अक्षर हेतु प्रयोग करना होगा. जैसे-'क्या' के लिए 'kya' और 'वक्त' हेतु 'wakt' लिखना होगा. इन्टरनेट पर 'ज्ञ' टाईप करने के लिए चार्ट के अनुसार 'jny' टाईप न करके 'gy' टाईप करें. इसी प्रकार 'ज्ञ' से जुड़े अन्य अक्षरों के लिए 'jn' के स्थान पर 'g' दबाकर पीछे के वहीं अक्षर दबाकर अपना शब्द पूरा करें.उपरोक्त चार्ट की मदद से हिंदी की टायपिंग सीख सकते हैं.
उपरोक्त यह चार्ट आपको हिंदी व अंग्रेजी आदि के कुछ फोन्टों के नामों जानकारी देता है.जो विभिन्न-विभिन्न नामों से फॉण्ट पहचाने जाते हैं.
 विशेष महत्वपूर्ण सूचना:अगर आप अपने कम्प्यूटर में adobe page maker का कोई भी version डाल लेते हैं और हिंदी की टाईपिंग की गति बढ़ना चाहते हैं. तब मैं हिंदी के कौन-कौन शब्दों का कब-कब कितना अभ्यास करना है से संबंधित फाईल आपकी आवश्यकता है की ईमेल मिलने पर ईमेल द्वारा दो फाईल भेज सकता हूँ.जिनके द्वारा आप अपनी हिंदी की टाईपिंग में गति बढ़ा सकते है
महोदय/ महोदया जी, आपने अपना कीमती समय मेरे ब्लॉग को पढ़ने के लिए दिया उसके लिए आपका तहे-दिल से आपका शुक्रिया (धन्यबाद) करता हूँ.
नियमित रूप से मेरा ब्लॉग http://rksirfiraa.blogspot.com/ & http://sirfiraa.blogspot.com/   देखें. अच्छी या बुरी टिप्पणियाँ आप करें और अपने दोस्तों को भी करने के लिए कहे.अपने बहूमूल्य सुझाव व शिकायतें अवश्य भेजकर मेरा मार्गदर्शन करें.
# निष्पक्ष, निडर, अपराध विरोधी व आजाद विचारधारा वाला प्रकाशक, मुद्रक, संपादक, स्वतंत्र पत्रकार, कवि व लेखक रमेश कुमार जैन उर्फ़ "सिरफिरा" फ़ोन: 09868262751, 09910350461 email:sirfiraa@gmail.com महत्वपूर्ण संदेश-समय की मांग, हिंदी में काम. हिंदी के प्रयोग में संकोच कैसा,यह हमारी अपनी भाषा है. हिंदी में काम करके,राष्ट्र का सम्मान करें.हिन्दी का खूब प्रयोग करे. इससे हमारे देश की शान होती है. नेत्रदान महादान आज ही करें. आपके द्वारा किया रक्तदान किसी की जान बचा सकता है.

सोमवार, अगस्त 16, 2010

अतिशीघ्र पोस्टों में आप पढेंगे..


दोस्त ने पीठ में छुरा घोपा.......
पिता के नाम डेढ़ वर्षीय पुत्र का पत्र..
पुत्र के नाम पिता का पत्र.....
इन्टरनेट या अन्य सोफ्टवेयर में हिंदी की टाइपिंग कैसे करें.....
हिंदी में ईमेल कैसे भेजें..

तीसरा खम्बा ब्लॉग ने जीने की राह दिखाई...
घरेलू हिंसा अधिनियम में एक उपधारा पुरुषों के हित में जोड़ी जानी चाहिए (सुझाव)
जब मान-सम्मान ही चला गया है, अब तो नंगा होने की जरूरत है... 
498 ए और 406 मेंआवश्यकता हैं बदलावों की(सुझाव) 
विवाहित महिलाओं के प्रति हो रहे शोषण में वूमंससैल  की जाँच प्रक्रिया में हो बदलाव (सुझाव)
वूमंससैल में पक्षपात खत्म हो और सरकार भ्रष्टाचार खत्म करें...
HCL कंप्यूटर कम्पनी उपयोक्ता को सर्विस देने के नाम पर परेशान करती हैं (अफसरों की कार्यशैली-आवाज रिकोट सहित और कंपनी के अपने घर के बनाये कानून (खोजबीन आधारित खास रिपोट

शुक्रवार, अगस्त 06, 2010

गुड़ खाकर, गुड़ न खाने की शिक्षा नहीं देता हूँ.

आज एक सज्जन व्यक्ति ने कई वेबसाइट http://www.saveindianfamily.org/ ,http://teesarakhamba.blogspot.com/  व मेरे  ब्लॉग   http://rksirfiraa.blogspot.com/,  http://sirfiraa.blogspot.com/       आदि पर मेरे द्वारा की टिप्पणियों के नीचे दिए जनहित हेतु संदेशों को पढ़कर फ़ोन करके पूछता है कि "सिरफिरा" जी आप हर टिप्पणी के नीचे एक संदेश देते है.नेत्रदान महादान आज ही करें, क्या आप ने नेत्रदान किये है? इसका उत्तर तो मैंने उन सज्जन को फ़ोन पर ही दे दिया था. मगर आप सभी दोस्तों व पाठकों के लिए फोटो है.उन्हें देखकर कर ही फैसला लें. हाथ कंगन को आरसी क्या, पढ़े-लिखें को फारसी क्या.दोस्तों मेरे द्वारा नेत्रदान करने के बाद ही मुझसे प्ररेणा पाकर और भी कई लोगों ने आपने नेत्र मेरी फर्म"शकुंतला प्रेस ऑफ़ इंडिया प्रकाशन" के माध्यम से "दान " किये थे.
काश...........हमारे देश में ऐसे नेता होते तो आज देश की यह हालत न होती. आज हमारे देश ऐसे नेताओं से भरा पड़ा है. जो गुड़ खाकर दूसरों को गुड़ न खाने की शिक्षा देते हैं. रिश्वत खुद लेते हैं और संदेश देते हैं कि रिश्वत न लो और न दों, करते हैं न दोगली बातें. क्या यहीं है मेरा भारत महान?


          
          
# निष्पक्ष, निडर, अपराध विरोधी व आजाद विचारधारा वाला प्रकाशक, मुद्रक, संपादक, स्वतंत्र पत्रकार, कवि व लेखक रमेश कुमार जैन उर्फ़ "सिरफिरा" फ़ोन: 09868262751, 09910350461 email: sirfiraa@gmail.com महत्वपूर्ण संदेश-समय की मांग, हिंदी में काम. हिंदी के प्रयोग में संकोच कैसा,यह हमारी अपनी भाषा है. हिंदी में काम करके,राष्ट्र का सम्मान करें.हिन्दी का खूब प्रयोग करे. इससे हमारे देश की शान होती है. नेत्रदान महादान आज ही करें. आपके द्वारा किया रक्तदान किसी की जान बचा सकता है.
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मार्मिक अपील-सिर्फ एक फ़ोन की !

मैं इतना बड़ा पत्रकार तो नहीं हूँ मगर 15 साल की पत्रकारिता में मेरी ईमानदारी ही मेरी पूंजी है.आज ईमानदारी की सजा भी भुगत रहा हूँ.पैसों के पीछे भागती दुनिया में अब तक कलम का कोई सच्चा सिपाही नहीं मिला है.अगर संभव हो तो मेरा केस ईमानदारी से इंसानियत के नाते पढ़कर मेरी कोई मदद करें.पत्रकारों, वकीलों,पुलिस अधिकारीयों और जजों के रूखे व्यवहार से बहुत निराश हूँ.मेरे पास चाँदी के सिक्के नहीं है.मैंने कभी मात्र कागज के चंद टुकड़ों के लिए अपना ईमान व ज़मीर का सौदा नहीं किया.पत्रकारिता का एक अच्छा उद्देश्य था.15 साल की पत्रकारिता में ईमानदारी पर कभी कोई अंगुली नहीं उठी.लेकिन जब कोई अंगुली उठी तो दूषित मानसिकता वाली पत्नी ने उठाई.हमारे देश में महिलाओं के हितों बनाये कानून के दुरपयोग ने मुझे बिलकुल तोड़ दिया है.अब चारों से निराश हो चूका हूँ.आत्महत्या के सिवाए कोई चारा नजर नहीं आता है.प्लीज अगर कोई मदद कर सकते है तो जरुर करने की कोशिश करें...........आपका अहसानमंद रहूँगा. फाँसी का फंदा तैयार है, बस मौत का समय नहीं आया है. तलाश है कलम के सच्चे सिपाहियों की और ईमानदार सरकारी अधिकारीयों (जिनमें इंसानियत बची हो) की. विचार कीजियेगा:मृत पत्रकार पर तो कोई भी लेखनी चला सकता है.उसकी याद में या इंसाफ की पुकार के लिए कैंडल मार्च निकाल सकता है.घड़ियाली आंसू कोई भी बहा सकता है.क्या हमने कभी किसी जीवित पत्रकार की मदद की है,जब वो बगैर कसूर किये ही मुसीबत में हों?क्या तब भी हम पैसे लेकर ही अपने समाचार पत्र में खबर प्रकाशित करेंगे?अगर आपने अपना ज़मीर व ईमान नहीं बेचा हो, कलम को कोठे की वेश्या नहीं बनाया हो,कलम के उद्देश्य से वाफिक है और कलम से एक जान बचाने का पुण्य करना हो.तब आप इंसानियत के नाते बिंदापुर थानाध्यक्ष-ऋषिदेव(अब कार्यभार अतिरिक्त थानाध्यक्ष प्यारेलाल:09650254531) व सबइंस्पेक्टर-जितेद्र:9868921169 से मेरी शिकायत का डायरी नं.LC-2399/SHO-BP/दिनांक14-09-2010 और LC-2400/SHO-BP/दिनांक14-09-2010 आदि का जिक्र करते हुए केस की प्रगति की जानकारी हेतु एक फ़ोन जरुर कर दें.किसी प्रकार की अतिरिक्त जानकारी हेतु मुझे ईमेल या फ़ोन करें.धन्यबाद! आपका अपना रमेश कुमार जैन उर्फ़ "सिरफिरा"

क्या आप कॉमनवेल्थ खेलों की वजह से अपने कर्त्यवों को पूरा नहीं करेंगे? कॉमनवेल्थ खेलों की वजह से अधिकारियों को स्टेडियम जाना पड़ता है और थाने में सी.डी सुनने की सुविधा नहीं हैं तो क्या FIR दर्ज नहीं होगी? एक शिकायत पर जांच करने में कितना समय लगता है/लगेगा? चौबीस दिन होने के बाद भी जांच नहीं हुई तो कितने दिन बाद जांच होगी?



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