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गुरुवार, मार्च 31, 2011

अपना ब्लॉग क्यों और कैसे बनाये-5

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 नया! पृष्ठ ब्लॉगर के पृष्ठ फ़ीचर से, आप अपने ब्लॉग से लिंक किए गए नए पृष्ठ बना सकते हैं. उदाहरण के लिए, आप “इस ब्लॉग के बारे में” या कोई “मुझसे संपर्क करें” पृष्ठ बना सकते हैं, इसी प्रकार आप नई ब्लॉग पोस्ट लिखकर उन पृष्ठों के लिंक टैब के रूप में आपके ब्लॉग में सबसे ऊपर या साइडबार में दे सकते हैं.
                        चलते-फिरते पोस्ट करना  ब्लॉगर के पास आपके ब्लॉग पर पोस्ट करने के लिए बहुत सारे विकल्प हैं. आप अपने ब्लॉग पर आपके मोबाइल फ़ोन से या किसी गुप्त ब्लॉगर-के लिए-ईमेल पते के द्वारा पोस्ट कर सकते हैं. या सीधे आपके कस्टम iGoogle मुखपृष्ठ से पोस्ट संपादित और प्रकाशित करने के लिए ब्लॉगर पोस्ट गैज़ेट का उपयोग करें. इन विकल्पों के साथ, आप जब चाहें और जहां से चाहें तब आपका ब्लॉग पोस्ट कर सकते हैं.
            समूह ब्लॉगिंग ब्लॉगर के साथ टीम ब्लॉग बनाना आसान है, जिससे एक से अधिक ब्लॉगर एकल ब्लॉग में योगदान कर सकें. आप चुनते हैं कि टीम के कौन से सदस्यों के पास व्यवस्थापकीय अधिकार होंगे और कौन केवल लेखक हैं. आप अपने ब्लॉग को व्यक्तिगत बनाना और उसे देखने वालों को प्रतिबंधित करने का भी चुनाव कर सकते हैं. इससे आपको आपके ब्लॉग का पूरा नियंत्रण मिल जाता है.
                    तृतीय-पक्ष अनुप्रयोग आप ब्लॉगर के साथ एकीकृत हो जाने वाले बहुत से तृतीय-पक्ष अनुप्रयोगों में से चुन सकते हैं जो आपके ब्लॉगर अनुभव को और भी आसान बना देते हैं. यदि आप डेवलपर हैं और अपना स्वयं का अनुप्रयोग बनाना चाहते हैं, तो code.blogger.com देखना याद रखें.
                           और भी सुविधाएँ...हम ब्लॉगर के लिए नए फ़ीचर विकसित कर रहे हैं; सभी संस्करणों और परिवर्तनों की जानकारी रखने के लिए Blogger Buzz देखें. यदि आप हमारे कुछ प्रयोगात्मक फ़ीचर आज़माकर देखना चाहते हैं, Blogger in draft पर जाएं. और यदि आपको ब्लॉगर के किसी भी फ़ीचर के बारे में अधिकारी चाहिए तो ब्लॉगर सहायता साइट या चर्चा समूह पर अवश्य जाएं. दूसरे लोग क्या पोस्ट कर रहे हैं यह देखने के लिए, Blogs of Note देखें. हमें आशा है कि आपको वह पसंद आएगा जो हमने बनाया है. अपना ब्लॉग बनाएँ(क्रमश:)

1 टिप्पणी:

  1. फेसबुक के सदस्यों को बढ़ाने के लिए के लिए प्रशंसक पृष्ठ मैं
    http://arabul-pinti.blogspot.com/

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मार्मिक अपील-सिर्फ एक फ़ोन की !

मैं इतना बड़ा पत्रकार तो नहीं हूँ मगर 15 साल की पत्रकारिता में मेरी ईमानदारी ही मेरी पूंजी है.आज ईमानदारी की सजा भी भुगत रहा हूँ.पैसों के पीछे भागती दुनिया में अब तक कलम का कोई सच्चा सिपाही नहीं मिला है.अगर संभव हो तो मेरा केस ईमानदारी से इंसानियत के नाते पढ़कर मेरी कोई मदद करें.पत्रकारों, वकीलों,पुलिस अधिकारीयों और जजों के रूखे व्यवहार से बहुत निराश हूँ.मेरे पास चाँदी के सिक्के नहीं है.मैंने कभी मात्र कागज के चंद टुकड़ों के लिए अपना ईमान व ज़मीर का सौदा नहीं किया.पत्रकारिता का एक अच्छा उद्देश्य था.15 साल की पत्रकारिता में ईमानदारी पर कभी कोई अंगुली नहीं उठी.लेकिन जब कोई अंगुली उठी तो दूषित मानसिकता वाली पत्नी ने उठाई.हमारे देश में महिलाओं के हितों बनाये कानून के दुरपयोग ने मुझे बिलकुल तोड़ दिया है.अब चारों से निराश हो चूका हूँ.आत्महत्या के सिवाए कोई चारा नजर नहीं आता है.प्लीज अगर कोई मदद कर सकते है तो जरुर करने की कोशिश करें...........आपका अहसानमंद रहूँगा. फाँसी का फंदा तैयार है, बस मौत का समय नहीं आया है. तलाश है कलम के सच्चे सिपाहियों की और ईमानदार सरकारी अधिकारीयों (जिनमें इंसानियत बची हो) की. विचार कीजियेगा:मृत पत्रकार पर तो कोई भी लेखनी चला सकता है.उसकी याद में या इंसाफ की पुकार के लिए कैंडल मार्च निकाल सकता है.घड़ियाली आंसू कोई भी बहा सकता है.क्या हमने कभी किसी जीवित पत्रकार की मदद की है,जब वो बगैर कसूर किये ही मुसीबत में हों?क्या तब भी हम पैसे लेकर ही अपने समाचार पत्र में खबर प्रकाशित करेंगे?अगर आपने अपना ज़मीर व ईमान नहीं बेचा हो, कलम को कोठे की वेश्या नहीं बनाया हो,कलम के उद्देश्य से वाफिक है और कलम से एक जान बचाने का पुण्य करना हो.तब आप इंसानियत के नाते बिंदापुर थानाध्यक्ष-ऋषिदेव(अब कार्यभार अतिरिक्त थानाध्यक्ष प्यारेलाल:09650254531) व सबइंस्पेक्टर-जितेद्र:9868921169 से मेरी शिकायत का डायरी नं.LC-2399/SHO-BP/दिनांक14-09-2010 और LC-2400/SHO-BP/दिनांक14-09-2010 आदि का जिक्र करते हुए केस की प्रगति की जानकारी हेतु एक फ़ोन जरुर कर दें.किसी प्रकार की अतिरिक्त जानकारी हेतु मुझे ईमेल या फ़ोन करें.धन्यबाद! आपका अपना रमेश कुमार जैन उर्फ़ "सिरफिरा"

क्या आप कॉमनवेल्थ खेलों की वजह से अपने कर्त्यवों को पूरा नहीं करेंगे? कॉमनवेल्थ खेलों की वजह से अधिकारियों को स्टेडियम जाना पड़ता है और थाने में सी.डी सुनने की सुविधा नहीं हैं तो क्या FIR दर्ज नहीं होगी? एक शिकायत पर जांच करने में कितना समय लगता है/लगेगा? चौबीस दिन होने के बाद भी जांच नहीं हुई तो कितने दिन बाद जांच होगी?



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