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आईये! हम अपनी राष्ट्रभाषा हिंदी में टिप्पणी लिखकर भारत माता की शान बढ़ाये.अगर आपको हिंदी में विचार/टिप्पणी/लेख लिखने में परेशानी हो रही हो. तब नीचे दिए बॉक्स में रोमन लिपि में लिखकर स्पेस दें. फिर आपका वो शब्द हिंदी में बदल जाएगा. उदाहरण के तौर पर-tirthnkar mahavir लिखें और स्पेस दें आपका यह शब्द "तीर्थंकर महावीर" में बदल जायेगा. कृपया "रमेश कुमार निर्भीक" ब्लॉग पर विचार/टिप्पणी/लेख हिंदी में ही लिखें.

गुरुवार, मार्च 24, 2011

अपना ब्लॉग क्यों और कैसे बनाये-3

आरंभ करें 
 ब्लॉगिंग को समझने का सबसे तेज़ तरीका है उसे आज़मा कर देखना. उसे आपके लिए सरल बनाने के लिए हमने कड़ी मेहनत की है. बस नीचे दी गई लिंक को क्लिक करें, और आप पाँच मिनट से भी कम समय में उस घटना का हिस्सा बन सकते हैं जो वेब और मीडिया का रूपांतरण कर रही हैं. वाकई. तब क्या होगा? कौन जानता है. पर ये मजेदार हो सकता है. और याद रखें: Blogger बिल्कुल मुफ़्त है, और अगर आपको कोई परेशानी हो रही हो, तो बस किसी भी स्क्रीन से मदद बटन दबाएँ, और आपको वह उत्तर मिल सकता है जो आप खोज रहे हैं या आप हमारे समर्पित सहायता कर्मचारी से पूछ सकते हैं.
हमने ब्लॉगर बनाया ताकि आपको नवीनतम घटनाओं के बारे में, — आपके जीवन में क्या हो रहा है इस बारे में, या और कुछ उसके बारे में जिस पर आप — दुनिया के साथ चर्चा करना चाहते हैं; अपने विचार साझा करने का आसान तरीका मिल सके. हमने ब्लॉगिंग को जितना हो सके उतना सरल और प्रभावी बनाने के लिए कई सुविधाएँ विकसित की हैं. आरंभ करना | और सुविधाएँ | उन्नत सुविधाएँ
आरंभ करना
अपनी डिज़ाइन कस्टमाइज़ करें:- ब्लॉगर टेम्पलेट डिज़ाइनर में कई टेम्पलेट दिए गए हैं, साथ ही प्रोफ़ेशनल दिखाई देने वाला टेम्पलेट बनाना आपके लिए बहुत आसान कर दिया है. इसके अलावा, टेम्पलेट डिज़ाइनर से आप अपने टेम्पलेट को कस्टमाइज़ भी कर सकते हैं. सैकड़ों पृष्ठभूमि छवियों, अनेक परिवर्तनशील लेआउट में से चुनें तथा विजेट को ड्रैग और ड्रॉप इंटरफ़ेस के द्वारा फिर से व्यवस्थित करें. स्लाइडशो, उपभोक्ता पोल या AdSense विज्ञापन जैसे विजेट जोड़ें. फ़ॉन्ट और रंग बदलना बहुत ही आसान है. और यदि इसमें भी आपको पर्याप्त नियंत्रण नहीं लगता है, तो आप अपने ब्लॉग का CSS और HTML कोड भी बदल सकते हैं.

अपनी ध्वनि प्रकाशित करना आसान और मुफ़्त है :- ब्लॉगर के साथ अपना ब्लॉग बनाने के लिए केवल कुछ सरल से चरणों का पालन करना होता है. कुछ ही मिनटों में आप अपने ब्लॉग पर पाठ, फ़ोटो, वीडियो इत्यादि पोस्ट करना आरंभ कर सकते हैं. जितनी बार चाहें उतनी बार पोस्ट करें; यह मुफ़्त है. कैसे आरंभ करें के लिए यह आलेख देखें या ब्लॉगर के साथ ब्लॉग कैसे बनाएँ वीडियो देखें.

प्रयोग-में-आसान इंटरफ़ेस:- अपने ब्लॉग पर पोस्ट करना आरंभ करने के लिए कुछ मूल चरणों का पालन करें. हमारा उपयोग-में-आसान इंटरफ़ेस आपको फ़ॉन्ट बदलने, पाठ को बोल्ड या तिरछा करने, पाठ के रंग और समायोजन को समंजित करने तथा और बहुत कुछ करने देता है. जैसे ही आप कोई नया ब्लॉग पोस्ट बनाते हैं, ब्लॉगर आपकी टाइपिंग को बाधित किए बिना ही,उसे स्वत: सहेज लेता है. साथ ही उपयोग-में-आसान वर्तनी-जाँच सुविधा और आपकी पोस्ट में लेबल जोड़ने के लिए आसान तरीका भी है.इसके साथ ही, ब्लॉगर में HTML संपादक भी शामिल है जो आपको पोस्ट की दिखावट और प्रकटीकरण को पूरी तरह से अनुकूलित करने देता है.

आपकी वेबसाइट वेबसाइट जब आप अपना ब्लॉग बनाते हैं, तो आप उसे Blog*Spot पर मुफ़्त में होस्ट कर सकते हैं. बस उपलब्ध URL चुनें और आप तैयार हैं. यदि बाद में आप अपना विचार बदलते हैं और भिन्न URL चाहते हैं, तो परिवर्तन करना आसान है. ब्लॉगर में कस्टम डोमेन विकल्प भी शामिल है; आपके पास डोमेन नाम हो सकता है, जैसे example.com, हम अभी भी ब्लॉगर की सभी सुविधाएँ आपको उपलब्ध कराते हुए आपके ब्लॉग को वहाँ होस्ट करेंगे.

अपने पोस्ट में फ़ोटो और वीडियो जोड़ें  आप पोस्ट संपादक उपकरण पट्टी में चित्र आइकन पर क्लिक करके अपने ब्लॉग में आसानी से फ़ोटो जोड़ सकते हैं. आपकी फ़ोटो उसके बाद आपके मुफ़्त पिकासा वेब एल्बम खाते में होस्ट की जाती हैं, जहाँ आप प्रिंट के लिए ऑर्डर कर सकते हैं और फ़ोटो को एल्बमों में व्यवस्थित कर सकते हैं. अपने पोस्ट में वीडियो जोड़ना बहुत ही आसान है; आरंभ करने के लिए बस पोस्ट संपादक उपकरण पट्टी पर फ़िल्म-पट्टी आइकन पर क्लिक करें. ब्लॉगर के द्वारा अपलोड किए गए वीडियो Google वीडियो पर होस्ट किए जाते हैं. (क्रमश:)

1 टिप्पणी:

  1. जाट देवता की राम राम,
    जैन जी, मुझ जैसे नये ब्लागर के लिये बहुत बढिया जानकारी ।
    मैं आपको अपने ब्लोग पर बुला रहा हूं । अभी नया ही हुं, ब्लागर की दुनिया में मेरी हिन्दी सुधारने में मदद करे । जो कमी लग रही हो जरुर बताना।

    उत्तर देंहटाएं

अपने बहूमूल्य सुझाव व शिकायतें अवश्य भेजकर मेरा मार्गदर्शन करें. आप हमारी या हमारे ब्लोगों की आलोचनात्मक टिप्पणी करके हमारा मार्गदर्शन करें और हम आपकी आलोचनात्मक टिप्पणी का दिल की गहराईयों से स्वागत करने के साथ ही प्रकाशित करने का आपसे वादा करते हैं. आपको अपने विचारों की अभिव्यक्ति की पूरी स्वतंत्रता है. लेकिन आप सभी पाठकों और दोस्तों से हमारी विनम्र अनुरोध के साथ ही इच्छा हैं कि-आप अपनी टिप्पणियों में गुप्त अंगों का नाम लेते हुए और अपशब्दों का प्रयोग करते हुए टिप्पणी ना करें. मैं ऐसी टिप्पणियों को प्रकाशित नहीं करूँगा. आप स्वस्थ मानसिकता का परिचय देते हुए तर्क-वितर्क करते हुए हिंदी में टिप्पणी करें.

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मार्मिक अपील-सिर्फ एक फ़ोन की !

मैं इतना बड़ा पत्रकार तो नहीं हूँ मगर 15 साल की पत्रकारिता में मेरी ईमानदारी ही मेरी पूंजी है.आज ईमानदारी की सजा भी भुगत रहा हूँ.पैसों के पीछे भागती दुनिया में अब तक कलम का कोई सच्चा सिपाही नहीं मिला है.अगर संभव हो तो मेरा केस ईमानदारी से इंसानियत के नाते पढ़कर मेरी कोई मदद करें.पत्रकारों, वकीलों,पुलिस अधिकारीयों और जजों के रूखे व्यवहार से बहुत निराश हूँ.मेरे पास चाँदी के सिक्के नहीं है.मैंने कभी मात्र कागज के चंद टुकड़ों के लिए अपना ईमान व ज़मीर का सौदा नहीं किया.पत्रकारिता का एक अच्छा उद्देश्य था.15 साल की पत्रकारिता में ईमानदारी पर कभी कोई अंगुली नहीं उठी.लेकिन जब कोई अंगुली उठी तो दूषित मानसिकता वाली पत्नी ने उठाई.हमारे देश में महिलाओं के हितों बनाये कानून के दुरपयोग ने मुझे बिलकुल तोड़ दिया है.अब चारों से निराश हो चूका हूँ.आत्महत्या के सिवाए कोई चारा नजर नहीं आता है.प्लीज अगर कोई मदद कर सकते है तो जरुर करने की कोशिश करें...........आपका अहसानमंद रहूँगा. फाँसी का फंदा तैयार है, बस मौत का समय नहीं आया है. तलाश है कलम के सच्चे सिपाहियों की और ईमानदार सरकारी अधिकारीयों (जिनमें इंसानियत बची हो) की. विचार कीजियेगा:मृत पत्रकार पर तो कोई भी लेखनी चला सकता है.उसकी याद में या इंसाफ की पुकार के लिए कैंडल मार्च निकाल सकता है.घड़ियाली आंसू कोई भी बहा सकता है.क्या हमने कभी किसी जीवित पत्रकार की मदद की है,जब वो बगैर कसूर किये ही मुसीबत में हों?क्या तब भी हम पैसे लेकर ही अपने समाचार पत्र में खबर प्रकाशित करेंगे?अगर आपने अपना ज़मीर व ईमान नहीं बेचा हो, कलम को कोठे की वेश्या नहीं बनाया हो,कलम के उद्देश्य से वाफिक है और कलम से एक जान बचाने का पुण्य करना हो.तब आप इंसानियत के नाते बिंदापुर थानाध्यक्ष-ऋषिदेव(अब कार्यभार अतिरिक्त थानाध्यक्ष प्यारेलाल:09650254531) व सबइंस्पेक्टर-जितेद्र:9868921169 से मेरी शिकायत का डायरी नं.LC-2399/SHO-BP/दिनांक14-09-2010 और LC-2400/SHO-BP/दिनांक14-09-2010 आदि का जिक्र करते हुए केस की प्रगति की जानकारी हेतु एक फ़ोन जरुर कर दें.किसी प्रकार की अतिरिक्त जानकारी हेतु मुझे ईमेल या फ़ोन करें.धन्यबाद! आपका अपना रमेश कुमार जैन उर्फ़ "सिरफिरा"

क्या आप कॉमनवेल्थ खेलों की वजह से अपने कर्त्यवों को पूरा नहीं करेंगे? कॉमनवेल्थ खेलों की वजह से अधिकारियों को स्टेडियम जाना पड़ता है और थाने में सी.डी सुनने की सुविधा नहीं हैं तो क्या FIR दर्ज नहीं होगी? एक शिकायत पर जांच करने में कितना समय लगता है/लगेगा? चौबीस दिन होने के बाद भी जांच नहीं हुई तो कितने दिन बाद जांच होगी?



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